,

ramanujan national mathematics day रामानुजन का जीवन परिचय

 ramanujan national mathematics day||Mathematics Day Speech Speech 2022 राष्ट्रीय गणित दिवस श्रीनिवास रामानुजन पर भाषण निबंध रामानुजन का जीवन परिचय

राष्ट्रीय गणित दिवस श्रीनिवास रामानुजन पर भाषण निबंध हिंदी में | Mathematics Day Essay Speech On Srinivasa Ramanujan In Hindi: गणित दिवस पर निबंध

यदि आप भी किसी विद्यालय या महाविद्यालय में पढ़ते हैं और वहां पर गणित दिवस 2022 के बारे में कोई भी भाषण या अपने विचार प्रस्तुत करना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें क्योंकि यह आर्टिकल आपकी पूरी मदद करेगा।
   

NATIONAL MATHEMATICS DAY 2022

सभी सम्मानीय लोगों को नमस्कार मैं आज आप सभी के सामने राष्ट्रीय गणित दिवस 2022 के संबंध में अपने विचार प्रस्तुत करने जा रहा हूं यदि कोई गलती हो तो क्षमा करें।

प्रतिवर्ष 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है।

सभी को बता दें कि राष्ट्रीय गणित दिवस तथा अंतर्राष्ट्रीय गणित दिवस अलग होता है, यानी अलग-अलग दिनों पर मनाया जाता है।

 राष्ट्रीय गणित दिवस 22 दिसंबर को मनाया जाता है जबकि अंतर्राष्ट्रीय गणित दिवस प्रतिवर्ष 14 मार्च को मनाया जाता है ।

भारत देश में राष्ट्रीय गणित दिवस श्रीनिवास रामानुजन जी की जयंती के उत्सव के उपलक्ष में मनाया जाता है ।भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस सर्वप्रथम सन 2012 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के द्वारा मनाया गया था। तब से लेकर प्रतिवर्ष 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है ।
सन 2012 में श्रीनिवास रामानुजन जी की 125 वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के द्वारा घोषणा की गई कि प्रतिवर्ष 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाएगा।

नेशनल मैथमेटिक्स डे या राष्ट्रीय गणित दिवस व महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन जी की जयंती का सूचक है ।इस जयंती के अवसर पर सभी विद्यालयों महाविद्यालय सरकारी संस्थानों वे सभी शिक्षा विभाग में उत्सव का आयोजन किया जाता है ।तथा गणित विषय के प्रति छात्रों को प्रेरित किया जाता है ।


श्रीनिवास रामानुजन जी का जन्म 22 दिसंबर 1827 को तमिलनाडु के इरोड जिले में हुआ था ।

 श्रीनिवास रामानुजन जी एक तमिल ब्राह्मण आयंगर परिवार से थे। तथा उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए सरकारी कॉलेज में एडमिशन सन 1903 में लिया और अपनी पढ़ाई शुरू की ।

इनके परिवार में बहुत सारी आर्थिक कठिनाइयां थी लेकिन उसके बावजूद भी रामानुजन जी ने अपनी पढ़ाई पूरी की और उन्हें सरकारी कला कॉलेज कुंभकोणम में स्कॉलरशिप भी मिली ।

लेकिन उनका ध्यान पूरी तरह से केवल गणित विषय पर ही था जिसकी वजह से वह अन्य विषयों में फेल हो गए थे ।और उनकी छात्रवृत्ति रोक दी गई थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

तथा इसके बाद में रामानुजन जी ने 1912 में मद्रास पोर्ट ट्रस्ट में क्लर्क की नौकरी करना शुरू कर दिया तथा यहां पर भी उनका एक सहयोगी गणितज्ञ मिल गया था ।जिसने श्रीनिवास रामानुजन जी महान प्रतिभा को पहचान कर उनका समर्थन किया तथा उन्हें कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज के प्रोफेसर जीएच हार्डी के पास भेज दिया और यहां अपनी प्रतिभा को नया रूप देने का रास्ता दिया। 

 1916 में रामानुजन  ने B.Sc बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री प्राप्त कर ली तथा 1917 में लंदन मैथमेटिक्स सोसाइटी के लिए उनका चयन कर लिया गया।

इसके बाद सन् 1917 में रॉयल सोसायटी ने रामानुजन जी को एक एलिप्टिक फंक्शंस और संख्याओं के सिद्धांत पर कुछ रिसर्च करने के लिए इनका चयन कर लिया।
इसी तरह वह अपनी गणित में प्रतिभा को दिखाते हुए एक नया इतिहास रचते हुए ट्रिनिटी कॉलेजके फेलो चुने जाने वाले पहले भारतीय बन गए।

श्रीनिवास रामानुजन जी ने अपने जीवन काल में 3884 प्रमेयों का संकलन किया था



 इसके बाद वर्ष 1919 में रामानुजन जी भारत लौट आए थे और 1 साल बाद 26 अप्रैल 1920 को मात्र 32 वर्ष की अल्पायु में ही श्री निवास रामानुजन जी का निधन हो गया।
सन 2015 में श्रीनिवास रामानुजन जी के जीवन पर कई सारी फिल्में बनी है जून में सबसे पहली फिल्म ‘द मैन हू न्यू इनफिनिटी‘ रिलीज हुई थी। तथा इस फिल्म के लेखक रॉबर्ट नैगेल थे तथा यह फिल्म रामानुजन जी की पूरी जीवनी पर आधारित है।



गणित विषय के क्षेत्र में इन्होंने बहुत सारे महान कार्य भी किए हैं। जिसके वजह से इनका नाम आज इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है ।तथा उन्होंने अपने कार्यों के द्वारा भारत के सम्मान में भी चार चांद लगाए थे ।इन्हीं सब वजहों से भारत सरकार के द्वारा इनके जन्मदिन के पावन उपलक्ष पर गणित दिवस मनाया जाता है । जिससे हम प्रेरणा लेकर अपने भारतवर्ष और गौरवशाली इतिहास के बारे में जानकर विकास के पथ पर आगे बढ़ते रहें। बस मैं इतना कह कर ही अपना स्थान ग्रहण करना चाहूंगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *